संक्षिप्त उत्तर
कौन-सी दीवारें 4.5 इंच की हो सकती हैं? 4.5 इंच की ईंट की दीवार आम तौर पर सिर्फ़ पार्टीशन और बिना लोड वाली इनफ़िल के लिए बनती है, और 4.5 इंच की दीवार को लोड उठाने वाली दीवार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाता। बाहर की दीवारें और लोड उठाने वाली दीवारें 9 इंच या आपके डिज़ाइन के हिसाब से उससे ज़्यादा मोटी होती हैं। कौन-सी दीवार किस तरह की है, यह आपकी स्ट्रक्चरल ड्रॉइंग तय करती है। ज़्यादा मोटी दीवार अपने आप ज़्यादा सुरक्षित नहीं होती।

इस पेज पर (11)
- कौन-सी दीवारें 4.5 इंच की हो सकती हैं और कौन-सी नहीं?
- लोड उठाने वाली दीवार क्या है, और फ्रेम वाले घर में इनफ़िल क्या है?
- पार्टीशन दीवारें कौन-सी हैं?
- मोटी दीवार कब चाहिए?
- क्या मोटी दीवार से घर ज़्यादा सुरक्षित होता है?
- भूकंप और ऊँचाई क्यों मायने रखते हैं?
- कौन पक्का करे कि कौन-सी दीवारें लोड उठाती हैं?
- चुनी गई दीवार की मात्रा कहाँ मिलेगी?
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- संबंधित गाइड
- स्रोत
भारतीय घर में ईंट की दीवार आम तौर पर या तो 9 इंच मोटी होती है, यानी एक ईंट चौड़ी, या 4.5 इंच मोटी, यानी आधी ईंट चौड़ी। लोग अक्सर पूछते हैं कि क्या पैसे और फ़र्श की जगह बचाने के लिए पतली दीवार बना सकते हैं। जवाब इस पर निर्भर करता है कि दीवार का काम क्या है। यह पेज बताता है कि कौन-सी दीवारें 4.5 इंच की हो सकती हैं और कौन-सी नहीं, और यह कौन तय करता है।
कौन-सी दीवारें 4.5 इंच की हो सकती हैं और कौन-सी नहीं?
| दीवार | आम मोटाई | क्यों | किस बात का ध्यान रखें |
|---|---|---|---|
| लोड उठाने वाली दीवार (load-bearing wall), जहाँ ईंटें फ़र्श या छत का भार उठाती हैं | 9 इंच या ज़्यादा, डिज़ाइन के हिसाब से | दीवार लोड (load) उठाती है, इसलिए उसे उतनी मोटाई चाहिए जितनी डिज़ाइन देता है | 4.5 इंच की दीवार को लोड उठाने वाली दीवार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाता |
| फ्रेम वाले (RCC) घर की बाहर की दीवार | आम तौर पर 9 इंच | इस पर बारिश, गर्मी, शोर और हवा पड़ती है | बाहर की दीवार पतली करने के लिए डिज़ाइनर की मंज़ूरी चाहिए |
| कमरों के बीच अंदर की पार्टीशन दीवार (partition wall) | अक्सर 4.5 इंच | यह कोई लोड नहीं उठाती, सिर्फ़ अपना वज़न | जिन दीवारों और कॉलम से यह मिलती है, उनसे इसे ड्रॉइंग के मुताबिक़ बाँधना ज़रूरी है |
| बाथरूम या किचन के चारों ओर की पार्टीशन | अक्सर 4.5 इंच | यह कोई लोड नहीं उठाती | इसे ठीक से वॉटरप्रूफिंग और फ़िटिंग लगाने का सही इंतज़ाम चाहिए |
यह तालिका आम चलन दिखाती है, डिज़ाइन नहीं। आपकी स्ट्रक्चरल ड्रॉइंग (structural drawing) ही अकेला दस्तावेज़ है जो बताता है कि आपकी कौन-सी दीवार किस तरह की है।
लोड उठाने वाली दीवार क्या है, और फ्रेम वाले घर में इनफ़िल क्या है?
लोड उठाने वाले घर में दीवारें फ़र्श और छत का वज़न नींव (foundation) तक पहुँचाती हैं। फ्रेम वाले घर में कंक्रीट (concrete) के कॉलम (column) और बीम वज़न उठाते हैं, और ईंट की दीवारें सिर्फ़ उनके बीच की खाली जगह भरती हैं। इस ईंट की चिनाई को इनफ़िल (infill) कहते हैं। यह अपना वज़न उठाती है, इमारत का लोड नहीं, फिर भी इसे फ्रेम से ठीक से बाँधना ज़रूरी है। एक घर में दोनों तरह की दीवारें हो सकती हैं, इसलिए देखकर पता नहीं लगा सकते।
पार्टीशन दीवारें कौन-सी हैं?
पार्टीशन अंदर की वह दीवार है जो एक कमरे को दूसरे से अलग करती है और ऊपर से कोई लोड नहीं उठाती। ज़्यादातर भारतीय घरों में पार्टीशन 4.5 इंच की दीवारें होती हैं। ये हल्की और पतली होती हैं, जिससे फ़र्श की जगह बचती है, लेकिन इन्हें ठीक से बाँधना ज़रूरी है, और बिना योजना के इन पर भारी फ़िटिंग नहीं टाँगनी चाहिए।
मोटी दीवार कब चाहिए?
मोटी दीवार वहाँ चाहिए जहाँ दीवार लोड उठाती है, जहाँ वह घर का बाहरी हिस्सा बनाती है, और जहाँ डिज़ाइनर इसे कहता है। मोटी दीवार ज़्यादा वज़न उठाती है, बारिश और गर्मी को बेहतर रोकती है और ज़्यादा शोर रोकती है। अपने इंजीनियर या आर्किटेक्ट से हर दीवार की मोटाई लिखित में लें।
क्या मोटी दीवार से घर ज़्यादा सुरक्षित होता है?
अपने आप नहीं। खराब बनी, ठीक से न बँधी, या सही फ्रेम या नींव पर न टिकी मोटी दीवार, डिज़ाइन के हिसाब से बनी पतली दीवार से भी बदतर हो सकती है। दीवारें कॉलम, बीम और एक-दूसरे से कैसे बँधी हैं, यह उतना ही मायने रखता है जितनी उनकी मोटाई। साइट पर बिना पूछे मोटाई न बढ़ाएँ और न घटाएँ।

भूकंप और ऊँचाई क्यों मायने रखते हैं?
ज़्यादा ऊँची दीवारों, ज़्यादा लंबी दीवारों और भूकंप ज़ोन की दीवारों में ज़्यादा ध्यान चाहिए, क्योंकि जो पतली दीवार कम ऊँचाई वाले कमरे में ठीक है, वह ऊँची और बिना सहारे (unbraced) हो तो गिर सकती है। आपका डिज़ाइन ज़ोन का ध्यान रखता है। दीवार की ऊँचाई और लंबाई की सीमा मोटाई और डिज़ाइन पर निर्भर करती है, इसलिए यह पेज कोई सीमा नहीं देता। अपने इंजीनियर से पूछें, और 4.5 इंच की दीवार को ड्रॉइंग में दिखाए गए से आगे न बढ़ाएँ।
कौन पक्का करे कि कौन-सी दीवारें लोड उठाती हैं?
आपका स्ट्रक्चरल इंजीनियर। बनाते समय हो या बाद में, कोई भी दीवार हटाने, खिसकाने या पतली करने से पहले पूछें कि कौन-सी दीवारें लोड उठाती हैं। जो दीवार पार्टीशन जैसी दिखती है, वह भी लोड उठा सकती है।
चुनी गई दीवार की मात्रा कहाँ मिलेगी?
जब आपको हर दीवार की मोटाई पता हो जाए, तो ईंट और मसाला (mortar) 100 sq ft दीवार में कितनी ईंटें लगती हैं? में या ईंट की मात्रा वाले कैलकुलेटर (अंग्रेज़ी) में निकालें। यह पेज ईंटों की कोई गिनती नहीं देता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बाहर की दीवार 4.5 इंच की बना सकते हैं?
सिर्फ़ तभी, जब आपका डिज़ाइन ऐसा कहे। बाहर की दीवारें आम तौर पर 9 इंच की होती हैं क्योंकि उन पर मौसम की मार पड़ती है, और लोड उठाने वाले घर में वे फ़र्श का भार उठाती हैं। बदलने से पहले अपने डिज़ाइनर से पूछें।
क्या बाथरूम के लिए 4.5 इंच की दीवार चल सकती है?
बाथरूम के चारों ओर की पार्टीशन अक्सर 4.5 इंच की होती हैं। इन्हें वॉटरप्रूफिंग और फ़िटिंग लगाने का सही इंतज़ाम चाहिए, जैसा आपका इंजीनियर बताए।
क्या मोटी दीवार 4.5 इंच की दीवार से ज़्यादा मज़बूत होती है?
उसी ऊँचाई और क्वालिटी की 4.5 इंच की दीवार से 9 इंच की दीवार ज़्यादा लोड उठा सकती है। मज़बूती ईंटों, मसाले, जुड़ाई (bonding) और सहारे पर भी निर्भर करती है।
क्या बाद में कोई दीवार हटा सकते हैं?
सिर्फ़ तब, जब आपका स्ट्रक्चरल इंजीनियर पक्का कर दे कि वह लोड नहीं उठाती। बाहर से बहुत-सी दीवारें एक जैसी दिखती हैं।
कैसे पता करें कि दीवार लोड उठाती है?
अपनी स्ट्रक्चरल ड्रॉइंग देखें और उसे बनाने वाले इंजीनियर से पूछें। दिखावट या मोटाई देखकर फ़ैसला न करें।
संबंधित गाइड
यह गाइड सामान्य जानकारी है। डिस्क्लेमर (अंग्रेज़ी) पढ़ें। आपके घर की दीवारों की मोटाई, ऊँचाई और सहारा (bracing) आपके स्ट्रक्चरल डिज़ाइन से तय होते हैं।
स्रोत
- IS 1905:1987, Code of Practice for Structural Use of Unreinforced Masonry
- IS 1077:1992, Common Burnt Clay Building Bricks - Specification
यह केवल सामान्य जानकारी है। यह स्ट्रक्चरल डिज़ाइन या पेशेवर सलाह नहीं है। अपने नक्शे और साइट की जाँच किसी लाइसेंसधारी स्ट्रक्चरल इंजीनियर या आर्किटेक्ट से कराएँ।
