संक्षिप्त उत्तर
बाथरूम की वॉटरप्रूफिंग कैसे करें? बाथरूम की वॉटरप्रूफिंग में पहले प्लंबिंग पूरी करके उसका प्रेशर टेस्ट करें। फिर फर्श को नाली की तरफ़ ढलान दें, कोने गोल करें, पाइप और नाली सील करें और कोटिंग दो कोट में लगाएँ। उसे दीवारों पर कम से कम 300 mm और शावर वाली जगह पर 1.8 से 2.1 m ऊपर तक ले जाएँ। टाइल से पहले 50 mm पानी भरकर 48 घंटे पॉन्डिंग टेस्ट करें। ये स्टेप सरकारी ड्राफ़्ट गाइडलाइन और IS 13182 से लिए गए हैं।

इस पेज पर (13)
- बाथरूम में लीकेज कहाँ-कहाँ से होता है?
- बाथरूम वॉटरप्रूफिंग का सही क्रम क्या है?
- बाथरूम के फर्श में कितनी ढलान चाहिए?
- वॉटरप्रूफिंग से पहले सतह कैसे तैयार करें?
- पाइप और नाली के आसपास सील कैसे करें?
- वॉटरप्रूफिंग कोटिंग कैसे लगाई जाती है?
- बाथरूम की दीवारों पर वॉटरप्रूफिंग कितनी ऊँचाई तक करें?
- पॉन्डिंग टेस्ट (ponding test) कैसे करें?
- कोटिंग के ऊपर क्या लगाया जाता है?
- वॉटरप्रूफिंग में कौन-सी गलतियाँ नहीं करनी चाहिए?
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- संबंधित गाइड
- स्रोत
बाथरूम की लीकेज नीचे वाले कमरे की छत (ceiling, अंदर की तरफ़) पर या बगल की दीवार पर सीलन के धब्बों के रूप में दिखती है। तब तक टाइल लग चुकी होती हैं, और मरम्मत गंदी और महँगी पड़ती है। इसका हल यह है कि टाइल लगाने से पहले बाथरूम की वॉटरप्रूफिंग ठीक से करें और उसकी जाँच करें। यह पेज एक सरकारी गाइडलाइन और गीली जगहों (wet areas) के भारतीय मानक के आधार पर स्टेप क्रम से बताता है। इसमें कोई रेट नहीं दिया गया है।
बाथरूम में लीकेज कहाँ-कहाँ से होता है?
गीली जगहों की वॉटरप्रूफिंग का भारतीय मानक IS 13182 ये आम कमज़ोर जगहें बताता है:
- जहाँ पाइप फर्श या दीवार से गुज़रते हैं;
- फर्श और दीवार का वह हिस्सा जहाँ शावर का पानी उछलता है;
- चौखट और उसके नीचे का फर्श;
- वॉश बेसिन के आसपास;
- दीवार में छिपे पाइप, जो किसी जोड़ पर लीक करते हैं;
- ऐसा फर्श जिसकी नाली की तरफ़ ठीक से ढलान नहीं है;
- टाइल के जोड़ और ब्रांच पाइप के लिए काटी गई जगहें;
- फ्लोर ट्रैप के चारों ओर का जोड़।
बाथरूम वॉटरप्रूफिंग का सही क्रम क्या है?
- वॉटरप्रूफिंग शुरू होने से पहले सारा प्लंबिंग और सैनिटरी का काम पूरा करें और पाइपों का प्रेशर टेस्ट करें। सरकारी गाइडलाइन यह साफ़ कहती है। IS 13182 भी कहता है कि दीवार में छिपे पाइप के जोड़ों की जाँच प्लास्टर से पहले हो।
- फर्श को नाली की तरफ़ ढलान दें और सतह तैयार करें।
- पाइप और नाली सील करें।
- वॉटरप्रूफिंग की कोटिंग लगाएँ।
- उसे क्योरिंग (curing, यानी पानी देकर पकाना) होने दें, फिर पॉन्डिंग टेस्ट (ponding test) करें।
- टेस्ट पास होने के बाद ही सुरक्षा वाला स्क्रीड (screed) बिछाएँ, और फिर टाइल।

बाथरूम के फर्श में कितनी ढलान चाहिए?
IS 13182 दरवाज़े से दूर, फर्श की नाली की तरफ़ कम से कम 60 में 1 की ढलान रखने की सिफ़ारिश करता है। वह यह भी सिफ़ारिश करता है कि बाथरूम का फर्श बाहर के फर्श से 25 mm नीचे दबाया जाए। मानक इन्हें सिफ़ारिश कहता है, और अंतिम आँकड़े आपका इंजीनियर तय करता है। कोटिंग लगाने से पहले ढलान जाँच लें। सपाट फर्श पर पानी रुकता है, और खड़ा पानी हर कमज़ोर जगह ढूँढ लेता है।
वॉटरप्रूफिंग से पहले सतह कैसे तैयार करें?
निर्माण उद्योग विकास परिषद (CIDC) की सरकारी गाइडलाइन ये बातें कहती है। यह नए निर्माण के लिए ड्राफ़्ट गाइडलाइन है, BIS का मानक नहीं।
- सतह साफ़, काफ़ी हद तक सूखी और गंदगी, ढीली सामग्री, तेल और ग्रीस से मुक्त होनी ज़रूरी है।
- कंक्रीट में कोई हनीकॉम्बिंग (honeycombing) हो तो उसे पॉलिमर-मॉडिफ़ाइड ग्राउट से भरें।
- जहाँ फर्श दीवार से मिलता है, वहाँ कोनों को पॉलिमर-मॉडिफ़ाइड मसाले के 50 mm गुणा 50 mm के फ़िलेट (fillet, यानी कोने की गोलाई) से गोल करें। दबे हुए फर्श या बाथ टब पर 25 mm गुणा 25 mm का फ़िलेट रखें।
- चिनाई की दीवारों के साथ फर्श के लेवल पर 100 mm ऊँचा कंक्रीट का कर्ब बनाएँ, ताकि नमी बगल के सूखे कमरों में न जाए। कोटिंग कर्ब के ऊपर से होकर सूखे हिस्से में 150 mm तक जाती है।
पाइप और नाली के आसपास सील कैसे करें?
यही गाइडलाइन ये स्टेप बताती है:
- प्लास्टिक पाइपों को, जहाँ वे दीवार या फर्श से गुज़रते हैं, दोनों तरफ़ चिपकने वाली बिटुमेन टेप से लपेटें।
- पाइपों, आउटलेट और फ्लोर ट्रैप के आसपास की खाली जगहों को बहने वाले, न सिकुड़ने वाले सीमेंट ग्राउट से भरें।
- दीवार में छिपी पाइपलाइनों को पॉलिमर-मॉडिफ़ाइड मसाले से भरें।
- फ्लोर ट्रैप और टाइल लगाने से पहले, फर्श के आउटलेट पर नाली के पाइप के अंदर कोटिंग को कम से कम 50 mm नीचे तक ले जाएँ।
वॉटरप्रूफिंग कोटिंग कैसे लगाई जाती है?
गाइडलाइन पॉलिमर-मॉडिफ़ाइड सीमेंट कोटिंग बताती है। दूसरे प्रोडक्ट के अपने निर्देश होते हैं, इसलिए किसी और सिस्टम के लिए बनाने वाली कंपनी की डेटा शीट का पालन करें।
- सतह को इतना गीला करें कि वह नम रहे, पर पानी टपके नहीं।
- ब्रश या रोलर से पहला कोट लगाएँ, फिर उसे 4 से 6 घंटे सूखने दें।
- जहाँ फर्श दीवार से मिलता है, वहाँ कोने के फ़िलेट पर ग्लास फाइबर जाली (mesh) की पट्टी लगाएँ।
- दूसरा कोट उलटी दिशा में लगाएँ। दोनों कोट मिलकर लगभग 1 से 1.2 mm मोटी मेम्ब्रेन (membrane) बनाते हैं।
- दूसरे कोट पर, जब वह गीला हो, मोटी रेत छिड़कें, ताकि टाइल के चिपकाने वाले मसाले को पकड़ने के लिए कुछ मिले।
बाथरूम की दीवारों पर वॉटरप्रूफिंग कितनी ऊँचाई तक करें?
गाइडलाइन के अनुसार उसे तैयार फर्श के लेवल से कम से कम 300 mm ऊपर तक ले जाएँ। बाथरूम या टॉयलेट में शावर के छींटों वाली जगह पर उसे 1.8 से 2.1 मीटर तक ले जाएँ। हमारे छत वाले पेज के आँकड़ों की नकल बाथरूम में बिल्कुल न करें। वे छत के लिए हैं, बाथरूम के लिए नहीं।
पॉन्डिंग टेस्ट (ponding test) कैसे करें?
यह टेस्ट छत जैसे ही तरीके से होता है, बस इंतज़ार कम होता है।
- कोटिंग को 48 घंटे हवा में क्योरिंग होने दें, या उतना समय दें जितना प्रोडक्ट की डेटा शीट कहती है।
- सारे आउटलेट बंद करें और फर्श पर 50 mm गहराई तक पानी भरें।
- इसे 48 घंटे तक छोड़ दें।
- बाथरूम के नीचे और बगल की छत और दीवारें देखें। अगर कोई लीकेज या सीलन का धब्बा नहीं है, तो टेस्ट पास है।
- कोई लीकेज हो तो उसे ठीक करें और आगे बढ़ने से पहले दोबारा टेस्ट करें।
- पानी निकाल दें और आउटलेट खोल दें।
दरवाज़े और नाली पर पानी को कैसे रोका जाए, यह ठेकेदार (contractor) का काम है। यह कैसे होगा, इसके बारे में अपने इंजीनियर से पूछें। न IS 13182 में और न IS 3067 में पॉन्डिंग टेस्ट है। 50 mm और 48 घंटे सरकारी गाइडलाइन से आए हैं, इसलिए कोई दूसरा प्रोडक्ट या इंजीनियर कुछ और माँग सकता है।
कोटिंग के ऊपर क्या लगाया जाता है?
टेस्ट पास होने के बाद गाइडलाइन वॉटरप्रूफिंग कंपाउंड मिले 1:4 सीमेंट-रेत के मसाले का 10 mm सुरक्षा वाला स्क्रीड बिछाने को कहती है। अगर फर्श के साथ नाली के पाइप चलते हैं, तो यह कम से कम 20 mm मोटा होना चाहिए। फर्श की नाली की तरफ़ ढलान बनाए रखें और ध्यान रखें कि कोटिंग को नुकसान न पहुँचे। फिर टाइल बिछाएँ।
वॉटरप्रूफिंग में कौन-सी गलतियाँ नहीं करनी चाहिए?
- टाइल बिछाने के बाद वॉटरप्रूफिंग करना।
- ऐसा फर्श जिसमें ढलान न हो, या ढलान नाली से दूर जाती हो।
- फर्श और दीवार के कोने पर फ़िलेट न होना।
- पाइप और फ्लोर ट्रैप सील न होना।
- एक-दो दिन बचाने के लिए पॉन्डिंग टेस्ट छोड़ देना।
- ऐसी कोटिंग पर टाइल लगाना जिसकी क्योरिंग पूरी नहीं हुई।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बाथरूम की दीवारों पर वॉटरप्रूफिंग कितनी ऊँचाई तक होनी चाहिए?
सरकारी गाइडलाइन के अनुसार तैयार फर्श से कम से कम 300 mm ऊपर, और शावर वाली जगह पर 1.8 से 2.1 m।
पॉन्डिंग टेस्ट कितनी देर तक करना चाहिए?
उसी गाइडलाइन के अनुसार आउटलेट बंद करके 50 mm पानी के साथ 48 घंटे। पहले कोटिंग की क्योरिंग होने दें।
क्या बाथरूम के फर्श में ढलान ज़रूरी है?
हाँ। IS 13182 नाली की तरफ़ कम से कम 60 में 1 की ढलान की सिफ़ारिश करता है।
क्या टाइल लगाने के बाद वॉटरप्रूफिंग हो सकती है?
वॉटरप्रूफिंग टाइल लगाने से पहले की जाती है। तैयार टाइलों के नीचे की लीकेज ठीक करने के लिए आम तौर पर उन्हें उखाड़ना पड़ता है।
क्या दीवारों की भी वॉटरप्रूफिंग करानी चाहिए?
हाँ, ऊपर बताई गई ऊँचाइयों तक। शावर वाली जगह पर सबसे ऊँचाई तक चाहिए।
संबंधित गाइड
- छत की लीकेज और वॉटरप्रूफिंग: तरीके, ढलान और पॉन्डिंग टेस्ट
- प्लास्टर में बारीक दरारें: कारण और क्या करें
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यह गाइड सामान्य जानकारी है। डिस्क्लेमर (अंग्रेज़ी) पढ़ें। आपके बाथरूम का वॉटरप्रूफिंग सिस्टम, उसकी ऊँचाई और उसका टेस्ट आपका इंजीनियर और प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी के निर्देश तय करते हैं।
स्रोत
- IS 13182:1991, Waterproofing and Damp-Proofing of Wet Areas in Building - Recommendations
- CIDC, Draft National Bidding Documents, Vol. 4 Technical Specifications: Waterproofing Guidelines for New Construction Projects (wet areas, section 2.0). A government draft guideline, not a BIS standard.
यह केवल सामान्य जानकारी है। यह स्ट्रक्चरल डिज़ाइन या पेशेवर सलाह नहीं है। अपने नक्शे और साइट की जाँच किसी लाइसेंसधारी स्ट्रक्चरल इंजीनियर या आर्किटेक्ट से कराएँ।
